मोहम्‍मद अली जाैहर यूनिवर्सिटी रामपुर।
रामपुर : समाजवाद पार्टी के वरिष्‍ठ नेता और रामपुर के सांसद आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।   बुधवार को भारी पुलिस बल के साथ रामपुर के पुलिस कप्‍तान ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में दोबारा छापेमारी की। इस दौरान  ऐतिहासिक रामपुर क्लब से चुराई गई शेरों की मूर्तियां मिली है। बताया जा रहा है कि यह मूर्तियां समाजवादी पाटी की सरकार  के कार्यकाल में चोरी हुई थीं। जिसकी शिकायत भी दर्ज करवाई थी।  पीडब्‍ल्‍यूडी के अधिकारियों ने  शेरों की इन मूर्तियों की पहचान कर ली है। 



उल्‍लेखनीय है कि इससे पहले मंगलवार को जौहर विश्वविद्यालय में छापेमारी के दौरान पुलिस ने विश्वविद्यालय की मुमताज सेंट्रल लाइब्रेरी से चोरी की लगभग दो हजार से अधिक बहुमुल्‍य किताबें और पांडुलिपियां बरामद कीं। यही नहीं यहां से  कुछ फर्नीचर भी बरामद हुआ है, जो चोरी का बताया जा रहा है।  कार्रवाई के दौरान पुलिस को कुछ महिलाओं के विरोध का भी सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। 


आजम खां के विधायक बेटे अब्दुल्ला हिरासत में, देर शाम छोड़ा 
काबिले जिक्र हैं कि  रामपुर के ऐतिहासिक मदरसा आलिया का एक हिस्सा समाजवादी पार्टी की सरकार में जौहर ट्रस्ट को लीज पर दे  दिया गया था। इस जमीन पर आजम खां ने रामपुर पब्लिक स्कूल खोल लिया। पिछले दिनों तंजीम अवाम-ए-अहले सुन्नत के सदर मौलाना मोहब्बे अली नईमी और मोहम्मद हुसैन साबरी ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि मदरसा आलिया में बेशकीमती किताबों का खजाना था। जो चोरी हो चुका है। 
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि ये किताबें जौहर विश्वविद्यालय  भेजी गई हैं। डिप्‍टी कमिश्‍नर  ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच करायी, जिसमें रिकार्ड का मिलान हुआ तो नौ हजार किताबें चोरी होने की पुष्टि हुई। ये किताबें सौ-डेढ़ सौ साल से अधिक पुरानी बताई जा रही हैं।  शिकायत पर डीएम के निर्देश पर 16 जून को मदरसा आलिया के प्रधानाचार्य जुबैद खां की ओर से किताबें चोरी होने की रिपोर्ट संबंधित थाने में दर्ज करायी गई।

 बतादें कि छापेमारी का कार्य मंगलवार को पूरा न होने पर रामपुर पुलिस बुधवार को जौहर यूनिवर्सिटी में दोबारा छापेमारी करने गई थी। यहां पुलिस यूनिवर्सिटी के चांसलर और सांसद आजमखां के विधायक बेटे अब्‍दुला के विरोधा का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब्‍दुल्‍ला को सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया। हलांकि अब्‍दुल्‍ला को बुधवार की देर शाम ही रिहा कर दिया गया। इसके आलावा पुलिस ने लाईब्रेरी के कर्मचारियों सहित एक महिला को भी हिरासत में लिया है। 
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