लखनऊ : समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और सांसद आजम खां अब एक नए मुसीबत में घिर गए हैं। यह मामला तब का है जब वह सपा सरकार में नगर विकास मंत्री रहते हुए जल निगम में भर्तियां की थी। इस भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगे थे। अब एसआईटी ने इस केस की फाईल खोल दी और जांच की दिशा में तेजी काम कर रही है। 
एसआईटी  अगले महीने के मध्य तक जांच पूरी मुकम्‍मल कर सकती है । सूत्रों का कहना है कि एसआईटी को इंतजार अप्टेक के उन कंप्यूटरों की फॉरेंसिक रिपोर्ट का है, जिसे जांच के लिए हैदराबाद भेजा गया था। 
यह रिपोर्ट आजम की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। एसआईटी के अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि अगले एक सप्ताह में हैदराबाद से फॉरेंसिक रिपोर्ट मिल जाएगी और फिर जांच में तेजी लाई जाएगी। 
उल्‍लेखनीय है कि सपा के शासनकाल में 2016 के अंत में हुई जल निगम में 1300 पदों पर भरती निकली थी। इसमें 122 सहायक अभियंता, 853 अवर अभियंता, 335 नैतिक लिपिक और 32 आशुलिपिक की भर्ती हुई थी। जल निगम विभाग के ही कुछ अधिकारियों ने इस संबंध में धांधली की शिकायत की थी जिसके बाद जांच शुरू हुई। सरकार इस मामले में 122 सहायक अभियंताओं को पहले ही बर्खास्त कर चुकी है। बाद में यह जांच सरकार ने एसआईटी को सौंप दी थी। 
बता दें कि इस मामले में पूर्व नगर विकास मंत्री के अलावा नगर विकास सचिव रहे एसपी सिंह से एसआईटी लंबी पूछताछ कर चुकी है। सूत्रों का कहना है कि  एसआईटी ने इस मामले में अधिकतर सुबूत इकट्ठा कर रखे हैं। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
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