अलीगढ़ : भारत में तीन तलाक जैसी कू प्रथा को कानूनी जंजीरों में जकड़ दिया गया है। लेकिन, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो भारत के कानून से अपने को उपर रख पत्‍नी को तीन तलाक देने से बाज नहीं आ रहे। या तो उन्‍हें कानून का डर नहीं या वे भारतीय संविधान में विश्‍वास नहीं रख रहे।  तीन तलाक को अपराध की श्रेणी में रखे जाने के बावजूद पत्‍नी को तलाक देने से बाज नहीं आ रहे।
      ऐसा ही एक ताजा मामला उत्‍तर प्रदेश के अलीगढ में आया है। जहां एक पति ने अपनी पत्‍नी को  रजिस्ट्री के माध्यम से तीन तलाक का पत्र भेज सभी संबंध खत्‍म कर दिए हैं। लेकिन शिक्षित पत्‍नी ने इस तीन तलाक को ठेंगा दिखाते हुए पति के साथ ही रहने का फैसला लिया है।  सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पेशे से सरकारी स्‍कूल में टीचर तैनात पत्‍नी ने अपने शौहर के खिलाफ एसएसपी को शिकायत दर्ज करवाई । शिक्षिका ने  कहा कि उसे हर हाल में शौहर के साथ ही रहना है। किसी भी सूरत में तलाक नहीं मानूंगी। पुलिस कप्‍तान ने शिक्षिका की शिकायत पर थाना क्वार्सी पुलिस को आरोपी को काबू करने निर्देश दिए हैं।
         शिक्षिका अंजुम कमाल पुत्री सिकंदर अहमद निवासी नगला पटवारी, क्वार्सी ने बताया कि 2005 में शहंशाहबाद निवासी परचून के थोक विक्रेता सलीम खां से निकाह हुआ था। निकाह के कुछ महीने बाद ही दहेज की मांग होने लगी। वो भी तब जब अंजुम सरकारी शिक्षिका हैं और उनको बेहतर तनख्वाह मिलती है। जिससे वह अपना और बच्चों का पूरा खर्च खुद ही उठा रही थीं।  2016 में शहंशाहबाद में बनवाए गए मकान को लेकर सलीम बार-बार दबाव बना रहा था कि ये मकान उसके नाम करा दिया जाए। इसको लेकर मारपीट हुई तो दो मई 2018 को परेशानहाल अंजुम ने मारपीट का मुकदमा थाना क्वार्सी में दर्ज कराया। इसके बाद सलीम ने मारपीट कर मकान में कब्जा कर लिया। पीडि़ता ने बताया कि उसका शौहर उसको बच्चों सहित घर से बाहर निकाल दिया। अब अंजुम अपनी बड़ी बेटी शदब खान, छोटी सना मलिकऔर बेटे असद मलिक के साथ मायके में रह रही है। 

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