दोस्‍तों तुलसी का हिन्‍दू धर्म में कितना महत्‍व यह तो सभी हिन्‍दूधर्मावलंबी जानते हैं। छोटे से दिखने वाले इस पौधे का आयुर्वेद में भी उनता ही महत्‍व पूर्ण स्‍थान है जितना की आपने इसे अपने घर के आंगन में दिया होता है। तभी तो इस पौधे की पत्तियां और मंजरी भगवान शालीग्राम से लेकर शिवशंकर की पूजा अर्चा में भी प्रयोग की जाती है। इसके फूल और पत्तियों में कई लाभकारी गुण होते हैं। आइये हम आप को बताते हैं पौधे के पांच हत्‍वपूर्ण गुण जिसे आप अपना कर स्‍वस्‍थ्‍य रह सकते हैं।

सुबह खाली पेट करें तुलसी का सेवन : सुबह खाली पेट तुलसी के 5 पत्ते या तो चूसें या फिर इनका रस पिएं। इससे सर्दी-खांसी से राहत मिलती है, इम्यून सिस्टम बेहतर होता है और व्यक्ति का मानसिक तनाव भी दूर होता है।खाली पेट तुलसी के सेवन से सुधरती है
सुबह खाली पेट करें तुलसी का सेवन : सुबह खाली पेट तुलसी के 5 पत्ते या तो चूसें या फिर इनका रस पिएं। इससे सर्दी-खांसी से राहत मिलती है, इम्यून सिस्टम बेहतर होता है और व्यक्ति का मानसिक तनाव भी दूर होता है।
सांसों की दुर्गंध होती है दूर : तुलसी के सेवन से सांसों से आने वाली दुर्गंध, मसूढ़ों से जुड़ी बीमारियों को ठीक करने में मदद मिलती है। मुंह की दुर्गंध ज्यादातर पाचन शक्ति कमजोर हो जाने के कारण होती है। तुलसी अपने गुणों के कारण सांसों की दुर्गंध को दूर करने में अहम भूमिका निभाती है। इसमें अपनी स्वाभाविक सुगंध होने के करण भी यह सांसों की दुर्गंध का नाश करती है। सांसों की समस्या से भी तुलसी निजात दिलाती है। अगर सांस लेने में दिक्कत हो रही हो, तो तुलसी के आधा चम्मच रस में शहद मिलाकर पिएं, आराम मिलेगा।
मौसमी रोगों को दूर करे : तुलसी की हरी पत्तियों का सेवन करने से सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, बच्चों का दमा, सिर दर्द जैसी अनेक मौसमी बीमारियों से छुटकारा मिल जाता है। खांसी-जुकाम में तुलसी के पत्ते, अदरक और काली मिर्च से तैयार की हुई चाय पीने से तुरंत लाभ होता है। बारिश के मौसम में रोजाना तुलसी के पांच पत्ते खाने से मौसमी बुखार व जुकाम जैसी समस्याएं दूर रहती हैं।
मुंह के छालों में ला
भदायक : अगर किसी व्यक्ति के मुंह में छाले हो गए हों, तो उसे तुलसी की पत्तियों का रस पीना चाहिए या फिर पत्तियां चूसनी चाहिए।
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