झरोखा न्‍यूज नेटवर्क, सीवान : 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का सरकार लाख नारा दे ले, कन्‍या भ्रूण हत्‍या रोकने के चाहे जितना कठोर कदम उठाना हो उठा ले, लेकिन समाज सुधरने वाला नहीं है।  ऐसा ही वाकया सीवान से सामने आया है. जहां एक मां ने अपनी नवजात बच्‍ची को कूड़ेदान में फेंक दिया। तो एक नेवला बच्ची को खाने के लिए जुगत में था. नेवले ने मुंह लगाया था कि बच्‍ची के रोने की आवाज से काफी संख्‍या में लोग झाड़ी के पास पहुंचे और बच्‍ची को बचा लिया गया।
ये पूरा मामला दारौंदा प्रखंड स्थित पांडेयपुर पंचायत के सहदौली गांव का है। गांव में अपनी नवजात बच्ची को किसी मां ने कूड़ेदान में फेंक दिया था। नवजात बच्‍ची के पास कहीं से नेवला पहुंच गया था. लोगों की मानें तो नेवला बच्‍ची को अकेले पाकर काट खाने की जुगत में था। यही नहीं, उसे काट कर घायल कर दिया था।  काटने के दर्द को नन्‍हीं जान बर्दाश्‍त नहीं कर पाई और जोर से रो पड़ी। बच्‍ची के रोने की आवाज सुन कूड़ेदान की ओर लोग दौड़े। वहां पहुंच कर देखा, तो दिल दहल गया। तब लोगों ने नेवला को भगाया तथा बच्ची को बाहर निकाला। सूचना पा कर मौके पर पहुंची संबंधित थाने की पुलिस ने बच्‍ची को जिला अस्‍पताल में दाखिल करवाया। जहां उसका उपचार रहा है। फिलहाल बच्‍ची स्‍वस्‍थ्‍य बताई जा रही है।
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