आयुर्वेद में गुड़हल(Hibiscus) के पेड़ को एक संपूर्ण रूप में औषधि के तौर पर दर्ज किया गया है। इसकी जड़ से लेकर फूल तक, हर एक चीज किसी न किसी बीमारी के लिए रामबाण है। देखने में गुड़हल का फूल बहुत ही खूबसूरत होता है। इसे आपने अक्सर अपने घर की बागवानी में या फिर पार्क में लगे देखा होगा। वैसे तो आमतौर पर गुड़हल का फूल लाल रंग का ही देखने को मिलता है लेकिन आपको बता दें कि  इस फूल का रंग गुलाबी, सफेद, पील और बैंगनी भी होता है। गुड़हल का वैज्ञानिक नाम हिबिस्कस सब्दरिफा (Hibiscus Sabdariffa) है। इसको हिबिस्कस फ्लावर के नाम से भी जाना जाता है। इस फूल में कई तरह के पोषक तत्व भी पाये जाते हैं जैसे कि - कैल्शियम, आयरन, वसा, विटामिन सी और फाइबर। गुड़हल के फूलों का इस्तेमाल कई तरह की दवाओं में किया जाता है। भगवान की पूजा में इस्तेमाल होने वाला ये पवित्र फूल बालों के अलावा त्वचा यानि कि स्किन और डेली रुटीन से जुड़ी अनेक परेशानियों व रोगों में भी फायदेमंद होता है।
एंटी एंजिग में गुड़हल (Hibiscus) का उपयोग -

लंबे समय तक जवां तो हर कोई दिखना चाहता है लेकिन आजकल के खराब लाइफस्टाइल की वजह से झुर्रियां समय से पहले ही चेहरे पर दस्तक दे देती हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि गुड़हल की पत्तियां एंटी- एजिंग (Anti-Ageing) की समस्या के लिए औषधि का काम करती हैं। दरअसल, गुड़हल की पत्तियों में फ्री रेडिकल्स (Free Radicals) को हटाने की क्षमता होती है। जिससे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है और हमारी स्किन जवां की जवां बनी रहती है।
स्किन केयर में गुड़हल का उपयोग 
पुराने समय से गुड़हल का इस्तेमाल ब्यूटी प्रोडक्ट्स के तौर पर होता रहा है। ये चेहरे की देखभाल के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसे बोटोक्स प्लांट के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इसमें नेचुरल बोटोक्स इफेक्ट होता है। खासतौर पर जिन लोगों को स्किन से जुड़ी समस्याएं हैं उनके लिए विशेष रूप से गुड़हल काफी लाभदायक है। इसमें आयरन, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट के गुण पाये जाते हैं। इसका इस्तेमाल करने से कील- मुहांसों, डार्क सर्कल, दाग- धब्बों, झुर्रियां जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। सिर्फ यही नहीं गुड़हल हमारी त्वचा से कालापन दूर कर उसे साफ, चमकती और दमकती बनाता है।

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