तुलसी की मंजरी

सिद्धार्थ मिश्र की कलम से : हिंदू धर्म में त्रिदेवों की सत्‍ता को सर्वशक्तिमान मना गया है। लेकिन, इनमें भी भगवान विष्‍णु को सर्वोपरि मना जाता है। श्‍याम वर्ण वाले भगवान श्री हरि को सृष्टि का पालन कर्ता भी कहा जाता है। यह भी कहा जाता है कि जब-जब धरती पाप के बोझ से दबने लगती है तब-तब भगवान किसी न किसी रूप में जन्‍म लेकर इसे पापियों से मुक्‍त कराते हैं। तो आइए जानें कमल नयन भगवान विष्‍णु की पूजा में किस पुष्‍प का प्रयोग करना उत्‍तम रहेगा।

 मंजरीयुक्‍त तुलसी 


वैसे तो भगवान विष्‍णु को कमल का पुष्‍प अति प्रिय है। चाहे वह श्‍वेत कमल हो या गुलाबी।  इसके साथ ही इन्‍हें गुलाब, बेला, अशोक, केवड़ा, मालती, मौलसिरी, सेफाली, नवमल्लिका आदि के पुष्‍प भी प्रिय हैं। लेकिन, धर्मशास्‍त्रों का कहना है कि जितना  पुण्‍य इन सभी फूलों को चढ़ाने से प्राप्‍त होता उससे कई गुना पुण्‍य एकमात्र मंजरीयुक्‍त तुलसी पत्र के चढ़ाने से होता है। सालिग्राम की पूजा में तुलसी दल व तुलसी की मंजरी को उत्‍तम माना गया है। (क्रमश:)
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