जालन्धर/चंडीगढ़ सीआईआई प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ में पंजाब सरकार की अतिरिक्त मुख्य सचिव विनी महाजन की अध्यक्षता में वाणिज्य और उद्योग विभाग द्वारा आयोजित बैठक में भाग लिया। यह १९ सितंबर को जालंधर में सीआईआई द्वारा आयोजित पिछली चर्चा की एक फॉलोअप बैठक थी। बैठक को जालंधर उद्योग की समस्याओं पर केंद्रित किया गया। 

उद्योग के लिए पावर टैरिफ की कैपिंग, पीपीसीबी द्वारा लगाया गया निवेश आधारित शुल्क, एफआईआईपी (आर) 2013 के तहत प्रोत्साहन, श्रम कानून, औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा प्रदान करना जैसे मुद्दों पर चर्चाा की गई। इस दौरान महाजन ने आश्वासन दिया कि उद्योग और वाणिज्य विभाग जालंधर के उद्योग सदस्यों की शिकायतों को हल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। उद्योगों के लिए व्यापार करना आसान हो इसके लिए भी आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने सीआईआई को राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न नीतियों, सुधार उपायों और योजनाओं के बारे में आवश्यक जानकारी का प्रसार करने के लिए प्रोत्साहित किया। पूरे ढांचे को हितधारकों के लिए अधिक प्रभावी और उपयोगी बनाने के लिए सीआईआई को उद्योग प्रतिक्रिया भी साझा करनी चाहिए। रैंडम शॉप फ्लोर इंस्पेक्शन पॉलिसी और पंजाब के उद्योगों की इस पर क्या प्रतिक्रिया है, इस बारे में विशेष उल्लेख किया गया।

इनवेस्ट पंजाब के सीईओ रजत अग्रवाल तथा पंजाब सरकार के श्रम विभाग के प्रधान सचिव वीके जंजुआ के अतिरिक्त पीएसआईईसी, बिजली, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग आदि के वरिष्ठ अधिकरी इस बैठक में मौजूद रहे। महाजन ने प्रतिनिधिमंडल को 5-6 दिसंबर 2019 को होने वाले आगामी प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया और साथ ही यह भी बताया कि यह समिट एमएसएमई क्षेत्र के विकास पर केंद्रित रहेगी। 
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