पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के भाई व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के पिता गुरदास बादल का निधन - The jharokha news

असंभव कुछ भी नहीं,India Today News - Get the latest news from politics, entertainment, sports and other feature stories.

Breaking

Post Top Ad

Jharokha news apk

गुरुवार, 14 मई 2020

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के भाई व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के पिता गुरदास बादल का निधन

गुरदास सिंह बदल। स्रोत शोसल साइट


जालंधर ःः।  पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और कैप्टन सरकार में वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के पिता गुरदास सिंह बादल का वीरवार की देर रात निधन हो गया ।  गुरदास बादल 88 वर्ष के थे और और लंबे समय से शुगर गुर्दा और दिल के रोगों से ग्रसित थे।
   88 वर्षीय गुरदास सिंह बादल को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में दाखिल करवाया गया था वहां पर उन्हें सीसीयू में रखा गया था वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने सोमवार को ही कहा था कि उनके पिता की हालत अत्यंत गंभीर है और उनके बचने की उम्मीद ना के बराबर है बता दें कि गुरदास बादल की पत्नी हरमिंदर कौर बादल का पिछले महीनों निधन हो गया था ।। हरमिंदर कौर बादल लंबे समय से सिर के कैंसर से ग्रसित थींं।  गुरदास सिंह बादल पांचवीं लोकसभा फाजिल्का से शिरोमणि अकाली दल के सांसद भी रहे हैं।
गुरदास बादल के निधन पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल,  पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, बठिंडा की सांसद और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ सहित विभिन्न नेताओं ने गुरदास बादल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों गुरदास बादल का हाल जानने के बाद अस्पताल से बाहर आकर मीडिया से बातचीत करते हुए प्रकाश सिंह बादल रो पड़े थे। उन्होंने कहा था कि गुरदास बादल के डॉक्टरों ने कई टैस्ट किए है ंं और उन्हें 2-3 दिनों में पी.जी.आई से छुट्टी मिल जाएगी। 
 बता दें कि गुरदास सिंह बादल अपने बड़े भाई प्रकाश सिंह बादल को पापा जी कहकर बुलाते थे जबकि प्रकाश सिंह बादल गुरदास सिंह बादल को प्यार से दास कह कर बुलाते थे दोनों भाइयों के प्रेम के चर्चे लंबी क्षेत्र में काफी थे। लेकिन शिअद में होते समय मनप्रीत बादल एपीसोड ने ऐसी दूरियां पैदा की कि आज दोनों भाई एक दूसरे के कट्टर राजनीतिक विरोधी हो गए हैं। यह राजनीतिक कटुता इतनी बढ़ गई थी कि  पंजाब के विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में सार्वजनिक तौर पर भाषणों में देखी जा सकती थी । 

Pages